कैसे किसान अपनी मिट्टी की उर्वरकता को बचा सकते है फसल चक्र के माध्यम से आइये जाने

फसल चक्र या क्रॉप रोटेशन फसल बोने की  वो प्रक्रिया जिसमे एक खेत में प्रतिवर्ष बदल बदल फसले लगाई जाती है।  इस प्रक्रिया से क्या फायदा है और ये प्रक्रिया क्यों की जाती है और  हम फसलों को किस  कर्म  में लगाए आइये जानते है

फसल चक्र क्यों करे: 

  • क्या आप जानते है अगर आप एक ही फसल प्रतिवर्ष लगाएगे तो मिटी में किसी एक विशिष्ट पोषक तत्व की कमी हो जाती है जो की मिटी की उर्वरकता को कम कर देगा, जिससे फिर उसी फसल की आगे आने वाले उत्पादन में गिरवाट आएगी।
  • आपने बहुत बार देखा होगा की अब कई दवाइयों उतना अच्छा काम नहीं करती जितना पहले करती थी वो इसलिए क्योकि एक फसल लगाने पर आप वो दवाई का उपयोग बार बार करते है जिससे किट या जीवाणु में उसके प्रति प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाती है। इस को हल करने केलिए आप दूसरी दवाईओ का इस्तेमाल करना शुरू कर देते है जिससे आपका खर्चा भी ज्यादा होता है और खेत में ज्यादा रासायनिक दवाईओ का इस्तेमाल भी होता है
    खेती के लिए सबसे ज्यादा बड़ी भूमिका मिट्टी की होती है अगर वो ही सही नहीं होगी तो फसल सही होगी तो इसलिय किसानो को फसल चक्र अपनाना चाहिए।

फसल चक्र के फायदे:

  • इससे मिट्टी या मर्दा की उर्वरकता शक्ति बनी रहती है।
  • इससे खरपतवारो को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। यह पाया गया है की फसल चक्र से खरपतवारो की शख्या कम पाई जाती है।
  • फसलों के उत्पादन में विर्धि होती है क्योकि मिट्टी से पोषक तत्वों की उपलब्धता सभी पौधों को प्रचुर मात्रा में पोषण प्रदान करती है।
  • कीटनाशक और उर्वरको का प्रयोग कम होता है।
  • मृदा और जल प्रदूषण में कमी आती है क्योकि इस से कम रासयनिक प्रदार्थो का उपयोग होता है

फसल क्रम चुनते समय रखे इन बातो का ख्याल:

  • जिन फसलों में ज्यादा खाद की आवश्कता होती है ऐसी फसलों के लगाने के बाद आप उन फसले लगाए जिनमे खाद की आवश्कता कम हो जैसे की आप आलू की फसल के बाद मूंग की फसल या चारे वाली फसल लगा सकते है।
  • जिन फसलों की जड़े जमीन के ज्यादा अंदर जाती है उन फसलों के बाद आप वैसी फसले लगाए जिसकी जड़े ज्यादा मिट्टी के अंदर ना जाती हो इससे मिट्टी का संघटन सही रहता है। जैसे कपास के बाद गेहू, लहसुन के बाद टमाटर या खीरा।
  • कोई भी दाल वाली फसल लगाने के बाद उसमे कोई भी दोबारा दाल वाली फसल ना लगाए, दाल वाली फसल से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है तो उसके बाद गेहू, सरसो , ज्वर और कोई सब्जी लगा सकते है।
  • जिन फसलों को ज्यादा पानी चाहिए होता है उनके बाद वो फसले लगाए जिन्हे कम पानी की आवश्कता होती है
  • फसलों को चयन अपने क्षेत्र की जलवाउ और मिट्टी के हिसाब से करे।
  • जिन फसलों में ज्यादा निराई और गुड़ाई की जरुरत होती है उसके बाद उन फसलों को लगाए जिनमे निरे गुड़ाई की कम आवश्कता होती है।

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